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Friday, July 6, 2018

ट्रेन में मिली खूबसूरत आंटी घर में चुदी

चूचे देखते हुए उसने मुझे पकड़ लिया और बोला, “क्या देख रहा है, रिमोट या फिर और कुछ?”. मैं बोला कि रिमोट ही देखूंगा और क्या.” फिर वो चेंज करने को बोल कर चली गई…

हेलो दोस्तों, ये मेरी पहली कहानी है, जो मॆरी साथ बस स्टॉप पर हुई थी. दोस्तों, मेरा नाम जतिन है और मैं गुजरात के सूरत शहर का रहने वाला हूँ. बात तब की है जब मैं अपने फ्रेंड की शादी में जाने के लिये घर से स्टेशन की तरफ़ निकला था.

मैं सूरत रेलवे स्टेशन की टिकट खिड़की से टिकट लेकर गाड़ी का इंतज़ार कर रहा था. कुछ देर बाद गाड़ी आ गई. मुझे गाड़ी में खिड़की वाली सीट मिली थी. दोपहर का टाइम था और गाड़ी में काफी सारे लोग भी थे.

थोड़ी देर के बाद वडोदरा स्टेशन आने वाला था. अब मुझे बहुत भूख लगी थी तो मैं चाय – नाश्ता करने की सोच रहा था. कुछ ही देर बाद स्टेशन आ गया तो मैं वहां उतरा और चाय पी और साथ में नाश्ता भी किया. मैं वहां पर थोड़ा रूका भी और जब गाड़ी चालू होने वाली थी तो मैं गाड़ी में चढ़ गया. मैं अपनी सीट के तरफ़ जा ही रहा था तो दूर से मुझे एक ऐसी चीज दिखी जिसे देख के मैं पागल हो गया था.

एक शादी शुदा औरत मेरी सीट के पास खड़ी थी. अब मैं अपनी सीट के पास गया और सीट पर बैठ गया. फ़िर कुछ देर बाद गाड़ी थोड़ी चाली. थोड़ा टाइम हो जाने के बाद वो औरत इधर – उधर देख रही थी. वो देख रही थी कि कोई सीट खाली है या नहीं तो मैंने कहा आंटी आपको कोई प्राब्लम ना हो तो आप मेरे पास बैठ सकते हो. इस पर वो तुरंत बेठ गई और थैंक्स बोली तो मैं बोला कोई बात नहीं है.

थोड़ी देर के बात वो बोली तुम पढ़ाई करते हो?

मैं बोला – हां

अब वो बोली – क्या पढ़ते हो?

मैं बोला – एम कॉम कर रहा हूँ.

अब वो – बोली अहमदाबाद में पढ़ाई करते हो?

इस पर मैं बोला – नहीं सूरत में पढ़ता हूँ.

फिर वो बोली बढिया है. कुछ देर बाद उसने खुद ही अपना नाम माधवी बताया. तो मैंने भी अपना नाम जतिन बता दिया. अब हमारे बीच ऐसे ही बातें होती रही. फ़िर वो बोली, “अहमदाबाद में घूमने जाते हो तुम?” इस पर मैं बोला, “नहीं मैं पहली बार आया हूँ अहमदाबाद, मेरे दोस्त की शादी है तो उसी में शामिल होने के लिए. तो वो ठीक है बोल कर चली गई.

दोस्तों, उसका फिगर तो मैं आपको बताना भूल ही गया था. उसकी फिगर तो कयामत सी थी, 36-34-36 थी. आज तक मैंने ऐसी भाभी या औरत को नहीं देखा था.

फिर थोड़ी देर के बाद वो आती हैं और पानी पी के मुझसे बोली, “कोई लेने आने वाला है या नहीं.” मैं बोला, “कोई नहीं आने वाला तो वो हँसी और बोली, “तो शादी में कैसे जाओगे?”

मैं बोला, “किसी से पता पूछ लूंगा और चला जाऊँगा. तो वो बोली, “मुझे बताओ कहां रहता है.” तो मैं बोला, “मानेक चौक.” तो वो सिर्फ ‘ठीक है’ बोली. फिर थोड़ी देर में अहमदाबाद स्टेशन आने बल था वो बोली, “चलो आ गया स्टेशन.”

अब हम दोनों दरवाजे की तरफ़ आगे बढ़े और स्टेशन पर उतर के बाहर की ओर जा रहे थे तो मैंने बोला, “आंटी, आप ने अहमदाबाद पूरा देखा है?” इस पर वो बोली, “हां मैंने देखा है.” तभी मैं भी बोल पड़ा कि मुझे भी देखना है. इस पर उसने स्माइल कर के कहा, “पैसा लगेगा.” मैं बोला, “ठीक है कोई नहीं.”

फिर हमने एक ऑटो वाले को बुलाया और बैठ के घर की तरफ़ चले. रास्ते में मैंने आंटी से बोला, “आंटी, क्या आप हाउस वाइफ हो या फ़िर जॉब करते हो?” इस पर वो बोली, “मेरा कपड़े का शॉप है.” अब मैंने बोला, “अंकल क्या करते हैं? तो वो बोली, “वो भी जॉब करते हैं.”

तभी मेरे फ्रेंड का घर आने वाला था तो उन्होंने मुझसे बोला, “तेरा तो घर आ गया, फिर मिलेंगे.” तो मैं बोला, “कैसे?” तो उसने मेरा नंबर माँगा और मैंने दे दिया. फिर मैं ऑटो से उतरा और ऑटो वाले को पैसा दिया तो वो बोली, “मैं दे दूंगी. फिर उनको बाय बोल कर मैं चला गया और ऑटो वाला भी उनको लेकर चला गया.

मैं शादी में एन्जॉय कर रहा था. वहाँ मैंने बहुत मस्ती भी की और मुझे बहुत मजा भी आया. शादी खत्म हो गई. अब मैं थोड़ा अहमदाबाद में रुकने वाला था क्योंकि मुझे थोड़ा घूमना था.

फिर शाम को हमने खाना खाया और हम सब सोने जा रहे थे, तभी मेरे मोबाइल में रिंग बजी. मैंने फ़ोन उठाया और हेलो बोला, लेकिन सामने से कोई नहीं बोला. अब मैंने दो बार हेलो – हेलो किया. फिर सामने से कोई बोली, “इतनी जल्दी भूल गये. मैं तुम्हारी माधवी आंटी हूँ.”

फिर मैंने बोला, “नहीं आंटी, मुझे लगा आप ही भूल गई, दो दिन बाद कॉल किया आपने”. इस पर वो बोली, “मैं थोड़ा बिज़ी थी.” थोड़ा रुक कर फिर उन्होंने कहा, “क्या कर रहे हो?” इस पर मैं बोला, “इतनी रात को कोई भला क्या करेगा! सोने जा रहा था.”

इस पर वो बोली, “ठीक है फिर सो जाओ.” मैं बोला, “ऐसा नहीं है. मैं वैसे भी रात में सोते – सोते मोबाइल में गेम खेलता हूँ और फिर सो जता हूँ.

फिर उसने बोला, “तुम सूरत कब जाने वाले हो?” मैं बोला, “दो दिन बाद”. तो वो बोली, “फिर चल कल घूमते है”. इसके बाद उसने आने वाली जगह बताई और मैंने कहा मैं नहीं जानता. इस पर वो बोली, “तू अपने घर के बाहर ही खड़ा रहना मैं आ जाऊंगी.”

अगले दिन सुबह नौ बजे वो एक स्विफ्ट कार लेकर आई और मुझे बैठा लिया. फिर गाड़ी में बैठ कर मैं उसके घर गया. उसका घर बहुत बड़ा था. वो बोली मैं चेंज करके आती हूँ, तब तक तुम टीवी देखो. फिर जब वो मुझे रिमोट नहीं मिली तो वो झुक कर रिमोट देने लगीं, तब मैं उसके चूचे देख रहा था.

चूचे देखते हुए उसने मुझे पकड़ लिया और बोला, “क्या देख रहा है, रिमोट या फिर और कुछ?”. मैं बोला कि रिमोट ही देखूंगा और क्या.” फिर वो चेंज करने को बोल कर चली गई.

थोड़ी देर के बाद जब चेंज कर के वापस आयी तो क्या माल लग रही थी! मैं तो उन्हें देखता ही रहा. फिर वो बोली, “तेरा ध्यान कहां है? मुझे पता है तू मुझे देख रहा था.” फिर उन्होंने मेरे पास आकर मुझे किस कर लिया.

अब मैं खुश हो गया था. मुझे मेरी मनचाही चीज मिल गई थी. फिर मैंने भी उनको किस कर लिया. अब क्या था! अब उन्होंने मुझे पकड़ लिया और लगातार किस करने लगीं. फिर मैंने उनको वहीं सोफे पर पटक दिया और उनके बूब्स दबाने लगा.

कुछ ही देर में मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए. अब वो पूरी तरह नंगी हो गईं थी. फिर उन्होंने मेरे भी कपड़े उतार दिए. अब मैं उनके नंगे बूब्स चूसने लगा. उनसे कंट्रोल नहीं हो रहा था. फिर उन्होंने मुझे नीचे कर दिया और खुद ऊपर आ गईं और मेरे खड़े लन्ड पर बैठ गईं और ऊपर नीचे होने लगीं.

करीब 10 मिनट की मस्त चुदाई के बाद मैं उनकी चूत में ही झड़ गया. इस दौरान वो तीन बार झड़ चुकी थीं. उन्हें भी खूब मजा आया. इसके बाद फिर हम घूमने चले गए. मैं तीन दिन और अहमदाबाद में रहा इस दौरान मैं हर रोज़ उनको चोदता था. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – tp3276397@gmail.com

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